परख करना  एवं प्रमाण चिह्नित करना (अस्सेयिंग व हालमार्किंग) : 
 
बहुमूल्य धातु उत्पादों की शुध्दता मानकों की जानकारी को प्रोन्नत करने के प्रयास में एमएमटीसी ने एक पथ प्रदर्शक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत व प्रचालित अग्नि परख विधि के अंतर्गत नई दिल्ली में स्वर्ण व स्वर्ण विनिर्मित वस्तुओं की शुध्दता की जांच करने के लिए प्रथम परख व प्रमाणीकरण यूनिट स्थापित किया।  इस यूनिट का निरीक्षण लंदन परख कार्यालय के विशेषज्ञों द्वारा किया गया है तथा भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित किया गया है।  भारत सरकार की ओर से बीआईएस ने इसका कार्यभार संभाला तथा भारत में स्वर्ण पर प्रमाण चिह्नित करने की योजना प्रारंभ की। बीआईएस ने एमएमटीसी को परख व प्रमाण चिह्नित करने की  एक अग्रणी एजेंसी के रूप में पहचान की है। एमएमटीसी, संपूर्ण भारतवर्ष में परख व प्रमाणीकरण यूनिट खोलने में प्रयासरत है। परख व प्रमाणीकरण केंद्र जयपुर, कोलकाता तथा चेन्नई में खुलने ही वाले हैं।
   
ज्वैलर्स से आभूषणों की प्राप्ति पर कैरेट्स के निर्धारण के लिए शुध्दता की परख की जाती है और तत्पश्चात प्रमाण चिह्नित किया जाता है।  प्रमाण चिह्नित आभूषणों पर मुहर लगाई जाती है तथा लोगो के साथ प्रमाणित किया जाता है : क) बीआईएस लोगो ख) एमएमटीसी लोगो तथा ग) कैरेट्ज।  संपूर्ण प्रक्रिया आईएसओ - 9000 श्रृंखला की निर्धारित शर्तों के अनुरूप  है।
 
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